गैरमुकम्मल सी है ये ज़िंदगी,
और वक्त की बेतहाशा है रफ़्तार..
रात इकाई,
नींद दहाई,
ख्वाब सैकड़ा,
दर्द हज़ार.....
फिर भी ज़िन्दगी मज़ेदार ❤❤