लोग कहते हमें कैसी हालत हो गयी है.!
कैसे समझाएं सांसें कहीं अटक गयी हैं.!!


कैसे बतलाऊँ यार की गली का पता.!
पहले ही मुहब्बत सब ज़ुबाँ हो गयी है.!!


ना दिन को है करार ना रातों को चैन.!
आँखों में जबसे इक तस्वीर बस गयी है.!!


ये कैसा नशा अब जो उतरता ही नहीं.!
वीरान ज़िन्दगी अब नशेमन हो गयी है.!!


आ चाँद मेंसागरउनका दीदार करें.!
अपनी हालत तो सितारों-सी हो गयी है.!!