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Thread: महान शायरों के चंद शेर

  1. #1
    ajab gjab is offline Junior Member
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    महान शायरों के चंद शेर

    जब भी देखा मेरे किरदार पे धब्बा कोई
    देर तक बैठ के तन्हाई में रोया कोई

    कैसे समझेगा बिछड़ना वो किसी का "राना"
    टूटते देखा नहीं जिसने सितारा कोई

    मुनव्वर राना
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  2. #2
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    लोग हर मोड़ पर रुक - रुक के संभलते क्यों है
    इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है

    मोड़ तो होता हैं जवानी का संभलने के लिये
    और सब लोग यही आकर फिसलते क्यों हैं

    राहत इन्दोरी
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  3. #3
    ajab gjab is offline Junior Member
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    तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो
    तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है

    Tumhari aankhon ki tauhin hai zara socho
    Tumhara chaahane wala sharab peeta hai


    Munawwar Rana ( मुनव्वर राना )
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  4. #4
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    तू बेवफ़ा है तो इक बुरी ख़बर सुन ले
    कि इंतज़ार मेरा दूसरा भी करता है

    हसीन लोगों से मिलने पे एतराज़ न कर
    ये जुर्म वो है जो शादीशुदा भी करता है


    Munawwar Rana ( मुनव्वर राना )

  5. #5
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    ये एहतियाते मोहब्बत तो जी नहीं जाती
    के तेरी बात तुझसे कही नहीं जाती

    तेरी निगाह भी कैसी अजब कहानी है
    मेरे अलावा किसी से पढ़ी नहीं जाती


    वसीम बरेलवी

  6. #6
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    हाथ दिया उसने मेरे हाथ में
    मैं तो वली* बन गया एक रात मे

    इश्क़ करोगे तो कमाओगे नाम
    तोहमतें बटती नहीं खैरात में

    * वली - मुसलिम साधु, युवराज


  7. #7
    ajab gjab is offline Junior Member
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    दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह
    फिर चाहे दीवाना कर दे या अल्लाह

    मैनें तुझसे चाँद सितारे कब माँगे
    रौशन दिल बेदार नज़र दे या अल्लाह.....




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