Maan Ki Hidayatein Ab Talq Yaad Hain,
Dil Khol Bolna.!
Beta Par Kisi Se Kabhi Zindgee Mein,
Jhooth Na Bolna.!!
Bahut Mouke Mileinge Iman Girane Ke,
Par Na Dolna.!
Muqaddar Ka Mila Hi Achcha Hota Hai,
Iman Na Dolna.!!
Gair Nari Ki Izzat Karna Aur Apni Se Hi,
Dil Ko Lagana.!
Husn Ke Jalwe Har Aur Mileinge Izzat Ko,
Daag Na Lagana.!!
Jaan Kimati Hai Yun Hi Ise Na Ganwana,
Karan Pe Ganwana.!
Gar Mouka MileTo Jaan Apni Beta”Sagar“,
Desh Par Ganwana.!!
Maan Ki Hidayatein




[माँ की हिदायतें अब तल्क़ याद हैं,
दिल खोल बोलना.!
बेटा पर किसी से कभी ज़िंदगी में,
झूठ ना बोलना.!!
बहुत मौके मिलेंगे ईमान गिराने के,
पर ना डोलना.!
मुक़द्दर का मिला ही अच्छा होता है,
ईमान ना डोलना.!!
गैर नारी की इज़्ज़त करना और अपनी से ही,
दिल को लगाना.!
हुस्न के जलवे हर और मिलेंगे इज़्ज़त को,
दाग ना लगाना.!!
जान कीमती है यूँ ही इसे ना गँवाना,
कारण पे गँवाना.!
गर मौका मिले तो जान अपनी बेटा”सागर“,
देश पर गँवाना.!!